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Maghi Purnima 2020: रविवार को है माघी पूर्णिमा, पढ़ें पूजा का शुभ मुहूर्त….

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नई दिल्ली :  माघ मास की पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा कहा जाता है। इस साल माघ पूर्णिमा 9 फरवरी को है। माघ पूर्णिमा 8 फरवरी को 4 बजकर 3 मिनट से शुरू होगी और 9 फरवरी को दोपहर 1 बजकर 4 मिनट पर समाप्त होगी। माघ मास की पूर्णिमा को स्नान, दान और पूजा पाठ का विशेष महत्व है।इस दिन कल्पवास भी शुरू होता है औऱ कहा जाता है कि इस दिन भगवान श्रीहरि जल में निवास करते हैं।

इस दिन सुबह सवेरे उठकर जल से स्नान कर भगवान श्रीहरि की पूजा की जाती है। इस दिन लोग सत्यनारायण की कथा भी करवाते हैं। कथा के लिए दूध, दही, तुलसी, मेवे, घी और शक्कर से चरणामृत बनाया जाता है। इसके बाद सत्यनारायण की कथा कही जाती है और प्रसाद वितरण किया जाता है।

माघ पूर्णिमा पर मासभर का माघ स्नान पूरा होता है। ऐसा कहा जाता है कि पूर्णिमा के दिन दान करने से जन्मों के पाप मिट जाते हैं। वैसे तो माघ का पूरा महीना ही स्नान और दान के लिए जाना जाता है। लेकिन माघ पूर्णिमा के दिन वस्त्र, गुड़, कपास, घी, लड्डू, फल, अन्न का दान करना बहुत फलदायी रहता है।

आपको बता दें कि प्रयागराज में पूरे माघ में श्रद्धालु नदी के किनारे एक महीने तक कल्पवास और तप करते हैं। ब्रह्म वैवर्त्य पुराण के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन स्नान के बाद दान करने से ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा भी अपनी सोलह कलाओं से शोभायमान होते हैं। पूर्ण चंद्रमा अमृत वर्षा करते हैं, जिसका अंश वृक्षों, नदियों, जलाशयों और वनस्पतियों पर पड़ता है।

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