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बदलते मौसम और प्रदूषण के बीच घर की एयर क्वालिटी को ऐसे रखें बेहतर

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नई दिल्ली : बदलते मौसम, प्रदूषण, पटाखों के धुएं से दिल्ली के शहरवासी अभी भी परेशान हैं। स्मोग की मोटी परत हटने का नाम नहीं ले रही है, जिस वजह से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में प्रदूषण का लेवल खतरनाक रूप से बढ़ता जा रहा है। हरियाणा, यूपी और दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स रोज नए स्तर पर पहुंच रहा है। इतना ही नहीं, विशेषज्ञों की मानें तो इसी प्रदूषण की वजह से घरों के अंदर की हवा भी 2 से 5 गुणा तक खराब होने लगी है, जिसके चलते बहुत सी बीमारियां घर चुकी हैं। हालांकि सरकार प्रदूषण के बढ़ते लेवल को कम करने के लिए अपने स्तर पर काम कर रही है, लेकिन हम भी अपने घरों में कुछ छोटे-छोटे बदलाव कर इस मुहिम का हिस्सा बन सकते हैं। साथ ही प्रदूषण से होने वाली तमाम तरह की बीमारियों से भी छुटकारा पा सकते हैं।

आज हम आपके लिए कुछ ऐसे खास टिप्स लाए हैं, जिन्हें अपनी जीवनशैली में अपनाने से आपकी बिगड़ती सेहत में सुधार हो सकता है। 60 प्रतिशत इंडोर हवा सिर्फ इसलिए दयनीय हो जाती है, क्योंकि अधिकतर घरों का वेंटिलेशन ही सही नहीं है। घर का सही वेंटिलेशन ही खराब होती हवा में से टॉक्सिन को निकाल पाता है। इस कारण घर का वेंटिलेशन सही होना बहुत जरूरी है, या फिर आप चाहें तो एअर प्युरीफायर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। मगर विशेषज्ञों की मानें तो यह एअर प्युरीफायर हाई एफिशिएंसी पार्टिक्युलेट वाला होना चाहिए। वायु प्रदूषण से जुड़ी अब तक की 90 प्रतिशत रिपोर्ट्स के मुताबिक घर में की जाने वाली स्मोकिंग ही इस पॉल्युशन का कारण है।

इसकी वजह से ही धुआं और टॉक्सिन्स का जमाव होता जाता है जिनसे एअर पॉल्युशन बढ़ता है और हम बीमारियों से घिर जाते हैं। हम सभी अपना ज्यादा वक्त घर और ऑफिस में बिताते हैं, ऐसे में इन दोनों ही जगहों पर इंडोर प्लांट्स लगाने से हवा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। इंडोर प्लांट्स घर में रखी बहुत सी चीजों से निकलने वाली टॉक्सिन गैसेस को हटा देते हैं। कमरे में रखे पौधे आंखों में होने वाली जलन को कम करने के साथ ही स्ट्रेस को भी कम कर देते हैं। इतना ही नहीं, इन्हीं पौधों की वजह से आप कफ व खून के जमने जैसी समस्याओं से भी दूर रहते हैं। आपके घर को सुंदर लुक देने वाला कार्पेट असल में बहुत छोटे-छोटे डस्ट पार्टिकल्स और पेट्स के बालों का भी घर होता है।

इसी वजह से कार्पेट घर में हवा को प्रदूषित करता है। धूल के इन्हीं छोटे-छोटे कणों की वजह से ही फेफड़ों में समस्या होने लगती है, जिससे कफ जमने लगता है और अस्थमा की भी शिकायत होने लगती है। इन तमाम बीमारियों व एअर पॉल्युशन से बचने के लिए घर से कार्पेट हटाना एक सरल समाधान है। किचन और बाथरूम में बनने वाली नम हवा अंदर रखी सभी चीजों में फंगस का कारण बनती हैं। फंगस के छोटे- छोटे कण आसानी से शरीर में चले जाते हैं, जिस वजह से सर्दी, खासी और फंगल इंफेक्शन जैसी बिमारियां हमें घेर लेती है। ऐसे में बाथरूम और किचन में लगे एग्जॉस्ट फैन नम हवा को बाहर फेककर, फंगल इंफेक्शन के चांस को बहुत कम कर देते हैं।

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