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अक्‍ल दाढ़ क्‍या होती है, इसके आने पर होने वाले दर्द को दूर करने के देसी उपाय….

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नई दिल्ली : अगर आपकी अक्ल दाढ़ आ चुकी है तो आपको इसके दर्द का अंदाजा होगा और अगर आपकी अक्ल दाढ़ अभी तक नहीं आई है तो आपको बता दें कि ये काफी दर्दभरा अनुभव होता है। ज्यादातर लोगों की अक्ल दाढ़ (विस्डम टुथ) 17 से 25 साल के बीच में आ जाती है लेकिन कई लोगों में ये 25 के बाद भी आती है। ये हमारे मुंह के सबसे आखिरी, मजबूत दांत होते हैं और सबसे अंत में आते हैं। लेक‍िन जब न‍िकलते है तो इसकी वजह से मसूड़ों, कान और सिरदर्द होने लगता है। कभी-कभी तो ये दर्द इतना खतरनाक होता है क‍ि सहन नहीं हो पाता है।मुंह के आखिरी हिस्से के मसूड़ों में दर्द होने लगता है। – मसूड़े उभरते हुए नजर आने लगेंगे। शीशे में दिखने लगेगा कि मसूड़ों से दांत निकलने लगा है। जहां अक्‍ल दाढ़ आ रही है उस हिस्से में सूजन और दर्द महसूस होगा।जितनी जगह अक्‍ल दाढ़ को चाहिए उतनी नहीं मिल पाती, तो उसे आने में काफी दिक्कत होती है।

यही वजह है कि मसूड़ों में दर्द होता है। इसकी वजह जब ये दांत आते हैं तो बाकी के दांतों को भी पुश करते हैं। इसके साथ ही मसूड़ों पर भी दवाब बनता है। इस वजह से दांतों में दर्द, मसूड़ों में सूजन और असहजता की शिकायत हो जाती है। कई बार दांत मसूड़ों के नीचे ही अटक कर रह जाता है। दांत के अटके रहने के कारण ही यह सिर दर्द, मसूड़ों व दांत दर्द का कारण बन जाता है। यह दर्द सहन करने से ज्यादा होता है। इसलिए अधिकतर लोग अक्‍ल दाढ़ निकलवाना उचित मानते हैं।कई डेंटिस्ट्स का मानना है कि अक्‍ल दाढ़ को पहले ही निकलवा लेना चाहिए। क्योंकि यह काफी समस्याओं का कारण बन सकता है।

बाहर आने से पहले ही यह आसपास के टिशू को प्रभावित कर गांठ बना सकता है। इसके कारण आपके जबड़े की हड्डियों को नुकसान पहुंच सकता है। यदि यह मसूड़ों के अंदर ही रह जाता है तो, यह आसपास के दांतों की जड़ों को खोखला करने की कोशिश कर सकता है। यदि यह थोड़ा ही बाहर आ पाया है तो इससे प्लाक और कीटाणुओं की समस्या बढ़ सकती है।दांत के दर्द के लिए हममें से ज्यादातर लोग लौंग का इस्तेमाल करते हैं। अक्ल दाढ़ निकलने के दौरान भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका anesthetic और analgesic गुण दर्द को शांत करने में मददगार होता है। इसके अलावा इसका एंटी-सेप्टिक और एंटी-बैक्टीरियल गुण भी इंफेक्शन नहीं होने देता है। आप चाहें तो कुछ लौंग मुंह में रख सकते हैं या फिर उसके तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

दांत दर्द में नमक का इस्तेमाल करना भी बहुत फायदेमंद होता है। ये मसूड़ों की जलन को कम करने में मददगार है इसके अलावा नमक के इस्तेमाल से इंफेक्शन का खतरा भी कम हो जाता है।लहसुन में antioxidant, antibiotic, anti-inflammatory और दूसरे कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो अक्ल दाढ़ के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। ये मुंह के बैक्टीरिया को भी पनपने नहीं देता।प्याज में एंटी-सेप्ट‍िक, एंटी-बैक्टीरियल और दूसरे कई गुण पाए जाते हैं। इसके इस्तेमाल से दांत दर्द में आराम मिलता है। ये मसूड़ों को भी इंफेक्शन से सुरक्षित रखने में मददगार है।अमरूद की पत्तियां दांत दर्द में दवा की तरह काम करती हैं। अमरूद की पत्त‍ियों में anti-inflammatory और antimicrobial गुण भी पाया जाता है जो दांत दर्द में फायदेमंद है।

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