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सर्दियों में खूब खाएं घी डालकर मक्‍के की रोटी, होंगे फायदे ही फायदे

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नई दिल्ली : सर्दियां आते ही हर घर में खानपान का कल्‍चर बदल जाता है। इस मौसम में साग के साथ घी डालकर मकई की रोटी खाने का मजा ही कुछ और होता हैं। मक्का या मकई के आटे की रोटी सर्दियों में खासतौर पर खायी जाती है। ये न सिर्फ खाने में टेस्‍टी होते हैं बल्कि ये हेल्‍दी भी बहुत होता है। सर्दियों में रोटी के अलावा कई सारी सब्जियों में भी मकई के आटे का इस्‍तेमाल किया जाता हैं। दरअसल, इस पारम्परिक डिश को बनाने और खाने के पीछे वजह है इस अनाज से मिलने वाला भरपूर पोषण। साउथ एशिया में मकई का खूब इस्‍तेमाल किया जाता है। मकई के भुट्टे के अलावा मकई के पॉपकॉर्न और मकई का आटा भी लोग भोजन में शामिल करते हैं।

इसमें कई महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल प्राप्त होते हैं। इस आटे को उन लोगों के लिए फाय़देमंद माना जाता है। जिन्हें, सर्दियों के मौसम डायजेशन से जुड़ी परेशानियों का डर सताता है। मक्के में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है। यह अनाज पचने में आसान होता है। मकई के रोटी खाने से कोलेस्ट्रॉल को कम होता है और इससे कार्डियोवस्कुलर के रिस्क भी कम होता है। इसमें ओमेगा-३ फैटी एसिड भी होता है जो दिल को स्वस्थ बनाता है। इसके अलावा यह हाई बीपी की समस्या को कम कर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम करता है।

नियमित इसे खाने से शरीर में से बुरे कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम हो जाता है। इन दिनों, बहुत से लोगों को ग्लूटेन इनटॉलरेंस की समस्या होती है। इसीलिए, लोग गेंहूं का आटा खाने से कतराते हैं। ऐसे में, मकई का आटा एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। चूंकि, मकई का आटा ग्लूटेन-फ्री होता है। इसीलिए, इसे बेझिझक खाया जा सकता है। हिमोग्लोबिन या रेड ब्लड सेल्स की कमी के कारण लोगों को कमज़ोरी महसूस होती है। इस स्थिति को एनिमिया कहा जाता है। एनिमिया, महिलाओं और बढ़ते बच्चों में एक आम समस्या है।

ऐसे में, मक्के का आटा डायट में शामिल करें। मकई में बीटा-कैरोटीन नामक तत्व पाया जाता है। ये तत्‍व रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करता है।ये सभी तत्व शरीर में खून के निर्माण में मदद करते हैं। इसे खाने से एनिमिया की दिक्‍कत नहीं होती हैं। गर्भवती महिलाओं को भी मक्के की रोटी को अपनी डाइट शामिल करना चाहिए। इसमें फॉलेट और विटामिन-बी पाया जाता है जो कि गर्भस्थ शिशु में नई कोशिकाओं के विकास के लिए जरूरी होता है। इसके अलावा फॉलेट गर्भावस्था में मां और शिशु, दोनों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

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